चेन्नई, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु भाजपा नेता नैनार नागेंद्रन ने सोमवार को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि पार्टी इनर मणिपुर से अपने सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर चुप है।
नागेंद्रन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा और पितृसत्ता के खिलाफ उनके विरोध पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने ही एक सांसद से जुड़ी गंभीर शिकायतों पर कोई प्रतिक्रिया देने में नाकाम रही।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की कथित चुप्पी को महिलाओं की गरिमा पर पार्टी के सार्वजनिक रुख के विपरीत बताया।
यह विवाद नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के प्रोफेसर अकोइजम के खिलाफ 11 महिला छात्रों की शिकायतों से जुड़ा है। यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद यूनिवर्सिटी की आंतरिक समिति ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया था।
नागेंद्रन ने अपने बयान में यूनिवर्सिटी की अनुशासनात्मक कार्रवाई का जिक्र किया और कहा कि समिति ने कड़ी सजा की सिफारिश की थी। उन्होंने तर्क दिया कि इन घटनाओं पर कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया जरूरी थी और इस मामले को न सुलझा पाने के लिए पार्टी की आलोचना की।
इन प्रस्तावित प्रदर्शनों के जरिए तमिलनाडु भर के जिला मुख्यालयों में कांग्रेस के खिलाफ भाजपा की आलोचना को पहुंचाया जाएगा।
नागेंद्रन का बयान अकोइजम के खिलाफ शिकायतों, यूनिवर्सिटी की कार्रवाई और उस राजनीतिक जिम्मेदारी पर केंद्रित था, जो उनके अनुसार कांग्रेस नेतृत्व को उठानी चाहिए। हालांकि, अकोइजम ने अपनी बर्खास्तगी से जुड़ी परिस्थितियों को चुनौती दी है।
इंफाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अकोइजम ने इस कार्रवाई को “विच हंट” (यानी किसी को गलत तरीके से फंसाने या निशाना बनाने की कोशिश) बताया और आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी ने यौन उत्पीड़न की शिकायतों से निपटने के नियमों का उल्लंघन किया है।
उन्होंने कहा कि उन्हें आंतरिक कमेटी की सिफारिशें या नौकरी से निकाले जाने का आधिकारिक आदेश नहीं मिला है और उन्हें इस कार्रवाई के बारे में मीडिया से पता चला। उन्होंने यह भी कहा कि वह कानूनी तरीकों से इस फैसले को चुनौती देंगे और गोपनीयता तथा अपील करने के मौके को लेकर अपनी आपत्तियां उठाएंगे।
भाजपा की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस नेतृत्व के इस मामले पर रवैये को लेकर पार्टी नेताओं की तरफ से काफी आलोचना हो रही है।
नागेंद्रन के बयान में दिन भर के जिलास्तरीय विरोध कार्यक्रम की रूपरेखा बताई गई, जबकि अकोइजम की आपत्तियां यह बताती हैं कि वह अपने खिलाफ हुई कार्रवाई के तरीके से सहमत नहीं हैं और यूनिवर्सिटी के फैसले को चुनौती देने का इरादा रखते हैं।
