पटना, 21 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार लोकसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को पटना के गर्दनीबाग स्थित विरोध स्थल का दौरा किया। ये वो जगह जहां बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षार्थी और अन्य छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
यादव ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और उनकी मांगों को लेकर बिहार सरकार और शिक्षा मंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ‘लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है’। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) बिहार के युवाओं के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरने या पुलिस कार्रवाई का सामना करने से भी नहीं हिचकेगी।
गर्दनीबाग में यादव ने कहा कि राजद भूख हड़ताल में शामिल उम्मीदवारों की जायज मांगों का पूरी तरह से समर्थन करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन मुद्दों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए, उनके लिए छात्रों को सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है।
उनके अनुसार, एक चुनी हुई सरकार समय पर और पारदर्शी तरीके से, अनियमितताओं, मिलीभगत या पेपर लीक के बिना परीक्षा आयोजित करने के लिए जिम्मेदार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार बेरोजगारी का गढ़ बन गया है और सरकार छात्रों और युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल रही है।
यादव ने कहा कि विपक्ष छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए एकजुट होगा और गर्दानीबाग में चल रहे आंदोलन के प्रति राजद के समर्थन को दोहराया।
उन्होंने सरकार से छात्रों और युवाओं की चिंताओं को सुनने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि ‘कोई भी पद या सत्ता की कुर्सी स्थायी नहीं होती’ और राजनीतिक अहंकार के कारण जनता की अनदेखी नहीं की जा सकती।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने 2015 में शुरू की गई ‘सात निश्चय’ योजना के तहत युवाओं को मिलने वाली वित्तीय सहायता में कटौती की है।
उन्होंने तर्क दिया कि इस कटौती से परिवारों पर वित्तीय बोझ बढ़ गया है, ऐसे समय में जब महंगाई और बेरोजगारी पहले से ही परिवारों पर दबाव डाल रही हैं।
यादव ने दोहराया कि राजद छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को सड़कों से लेकर राज्य विधानसभा तक उठाती रहेगी और उनके भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया।
उनकी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक संजय गुप्ता ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि यादव बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान छात्रों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने में विफल रहे।
गुप्ता ने उन पर विपक्ष के नेता के रूप में अपनी जिम्मेदारियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया और दावा किया कि विरोध स्थल पर उनका दौरा राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास था।

