कोलकाता, 31 अगस्त (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन सोमवार को शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए। यह पूछताछ मध्य कोलकाता के कैमक स्ट्रीट पर अभिषेक बनर्जी के पार्टी ऑफिस की छत से एक अवैध बिलबोर्ड हटाने के मामले में दर्ज एफआईआर के सिलसिले में होनी थी।
सांसद ने अपने वकील के जरिए कोलकाता पुलिस को एक चिट्ठी भेजी और पूछताछ के लिए पेश होने के लिए सात दिन का समय मांगा। पुलिस को लिखी चिट्ठी में डेरेक ओ ब्रायन के वकील ने कहा कि चूंकि उनके क्लाइंट को नोटिस आखिरी समय पर मिला था, इसलिए उन्हें अपने कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने का समय नहीं मिला।
इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए शहर के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि ओ ब्रायन को दूसरा नोटिस भेजा जाएगा और इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
रविवार को शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी दक्षिण कोलकाता में प्रिंस अनवर शाह रोड पर डेरेक ओ ब्रायन के घर पहुंचे और उनके सहयोगी को पूछताछ का नोटिस सौंपा। उन्हें सोमवार दोपहर तक शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में पेश होने के लिए कहा गया था।
डेरेक ओ ब्रायन के अलावा पुलिस ने अभिषेक बनर्जी और उनके निजी सहायक सुमित रॉय को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। जहां अभिषेक बनर्जी को 1 सितंबर को दोपहर तक पेश होने के लिए कहा गया है, वहीं सुमित रॉय के आने का तय समय और तारीख 2 सितंबर को दोपहर तक है।
इस बीच, अभिषेक बनर्जी के वकील ने रविवार रात कोलकाता पुलिस को ईमेल करके दावा किया कि जिन तीन एफआईआर के संबंध में उन्हें नोटिस भेजा गया था, वे शहर की पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई थी।
शहर की पुलिस ने अभिषेक बनर्जी को जवाब भेजकर इन दावों को खारिज कर दिया। शहर की पुलिस ने दावा किया है कि तीनों एफआईआर कोलकाता पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड की गई थीं और एफआईआर की प्रतियां भी उपलब्ध थी।
27 अगस्त की दोपहर कैमक स्ट्रीट पर तनाव फैल गया, जब कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के कर्मचारी पुलिसकर्मियों के साथ अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय में अवैध बिलबोर्ड हटाने पहुंचे।
केएमसी के कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को अभिषेक बनर्जी, ओ ब्रायन और अन्य तृणमूल कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई हुई।
शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में दर्ज तीन एफआईआर में पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर न केवल ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने बल्कि एक महिला पुलिस अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है।
