चेन्नई, 2 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लेगी। यह फैसला मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निर्देश पर लिया गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने रविवार को यह घोषणा की।
स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “सरकार ने नीट-विरोधी प्रदर्शनों के सिलसिले में छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लेने का फैसला किया है। मामले वापस लेने की प्रक्रिया और इस फैसले के दायरे में आने वाले मामलों के बारे में जल्द ही और जानकारी दी जाएगी।”
यह घोषणा देश के कई हिस्सों में नीट को लेकर हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के कुछ दिनों बाद की गई है, जिसमें छात्रों और युवा संगठनों ने परीक्षा प्रणाली पर चिंता जताई और बदलाव की मांग की। तमिलनाडु में भी रैलियों, अचानक विरोध प्रदर्शनों (फ्लैश प्रोटेस्ट) और अन्य तरह के आंदोलनों सहित कई प्रदर्शन हुए।
राज्य में कई जगहों पर विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक समूहों ने प्रदर्शन आयोजित किए। चेन्नई में, प्रदर्शनकारियों ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के राज्य मुख्यालय ‘बालन इल्लम’ पर लगातार विरोध प्रदर्शन किया।
राज्य के कुछ हिस्सों से अचानक विरोध प्रदर्शनों की भी खबरें आईं। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से सड़क जाम करने के बाद पुलिस को दखल देना पड़ा। ऐसे प्रदर्शनों के दौरान कई छात्रों को हिरासत में लिया गया, जबकि कुछ प्रदर्शनों के सिलसिले में मामले भी दर्ज किए गए।
राज्य सरकार की इस नई घोषणा से नीट-विरोधी प्रदर्शनों से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही को वापस लेने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। औपचारिक रूप से मामले वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले अधिकारियों की ओर से तमिलनाडु भर के पुलिस स्टेशनों में दर्ज मामलों की जांच किए जाने की संभावना है।

