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हम जो हासिल करने आए थे, वह कर दिखाया: मनप्रीत सिंह

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काकामिगाहारा, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय हॉकी टीम ने शनिवार को गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में मलेशिया को 5-1 से मात देकर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल बरकरार रखते हुए ओलंपिक गेम्स 2028 के लिए क्वालीफाई कर लिया। भारतीय मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा कि टीम अपने अभियान को लेकर आलोचनाओं के बावजूद अपने लक्ष्य पर केंद्रित रही।

एशियन गेम्स से पहले भारतीय टीम की काफी आलोचना हुई थी, लेकिन टीम ने जापान में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ग्रुप स्टेज के अपने सभी 5 मैच जीते और सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-3 से मात दी।

खिताबी जीत के बाद मनप्रीत ने ‘आईएएनएस’ से ​​कहा, “असल में, बाहर बहुत-सी बातें होती रहती हैं। आलोचनाएं चलती रहती हैं, लेकिन हमारा ध्यान उस पर नहीं था। हम यहां कुछ हासिल करने आए थे, और आज हमने वह हासिल कर लिया।”

मनप्रीत ने कहा कि एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल और ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफिकेशन से भारत को अब लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफिकेशन प्रक्रिया से गुजरने के बजाय अपने खेल के खास पहलुओं को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का मौका मिलेगा।

उन्होंने कहा, “एशियन गेम्स हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण टूर्नामेंट था, क्योंकि यहां से हमने सीधे ओलंपिक गेम्स 2028 के लिए क्वालीफाई किया है। अब हमें क्वालीफायर राउंड नहीं खेलना है। हम खुद पर काम कर सकते हैं, उन क्षेत्रों की पहचान कर सकते हैं जहां सुधार की जरूरत है और देख सकते हैं कि हम बेहतर तैयारी के साथ लॉस एंजिल्स कैसे जा सकते हैं।”

मनप्रीत ने मलेशिया को काबू में रखने और साथ ही अटैक में मिले मौकों का पूरा फायदा उठाने का श्रेय भारत के डिफेंस को देते हुए कहा, “शुरू से आखिर तक हमारा डिफेंस बहुत अच्छा रहा। जब भी हमें मौके मिले, चाहे पेनल्टी कॉर्नर से हों या फील्ड गोल से, हमने उन्हें गोल में तब्दील किया।”

वहीं, फॉरवर्ड दिलप्रीत सिंह ने कहा कि गोल्ड मेडल टीम की लगातार कड़ी मेहनत और लंबे समय की तैयारी का नतीजा था, और लॉस एंजिल्स के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी उनके मुख्य लक्ष्यों में से एक था।

दिलप्रीत ने ‘आईएएनएस’ को बताया, “हमारी पूरी टीम बहुत खुश है, क्योंकि हम लंबे समय से इसके लिए ट्रेनिंग कर रहे थे और हमने बहुत कड़ी मेहनत की है। हमारा मकसद गोल्ड जीतना और एलए के लिए अपना क्वालिफिकेशन सुनिश्चित करना था।”

दिलप्रीत ने कहा कि टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में मिली मुश्किल जीत से सबक लिया था और फाइनल में बेहतर प्रदर्शन करने के पक्के इरादे के साथ उतरी थी। उन्होंने कहा, “कोई दबाव नहीं था, लेकिन सेमीफाइनल के बाद, जिसे हमने बहुत मुश्किल से जीता था, सभी की सोच यही थी कि हमें वहां की गई गलतियों से सीखना है और फाइनल बड़े अंतर से जीतना है।”