नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। शाहदरा साइबर पुलिस स्टेशन ने झारखंड के जामताड़ा से चल रहे एक बड़े साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने झारखंड के धनबाद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक बीटेक ग्रेजुएट भी शामिल है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर और फर्जी केवाईसी वेरिफिकेशन के दौरान स्क्रीन-शेयरिंग का फायदा उठाकर 50 से ज्यादा लोगों को ठगा है। अनधिकृत क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन के जरिए लाखों रुपए के महंगे मोबाइल फोन खरीदे गए।
डीसीपी शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीना ने बताया कि शाहदरा साइबर थाने में तरनजीत सिंह की शिकायत पर ई-एफआईआर नंबर 292/2026 दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ लोगों ने खुद को एचडीएफसी बैंक का अधिकारी बताकर केवाईसी अपडेट के बहाने क्रेडिट कार्ड की जानकारी ले ली और 1,39,999 रुपए का मोबाइल जियोमार्ट से खरीद लिया, जो झारखंड के धनबाद के झरिया इलाके में डिलीवर हुआ था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ इंस्पेक्टर विजय कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम में एसआई श्याम बिहारी शरण, एसआई विवेक यादव सहित कई अधिकारी शामिल थे। पुलिस टीम ने झारखंड में चार दिन तक सघन अभियान चलाया।
पुलिस ने डिलीवरी पर्सन की मदद से जाल बिछाया और उसी लोकेशन पर नकली मोबाइल डिलीवरी की व्यवस्था की। आरोपी डिलीवरी लेने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय आफताब अंसारी और 23 वर्षीय अब्दुल मजीद के रूप में हुई, दोनों जामताड़ा जिले के बोरवा गांव के रहने वाले हैं। उनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल सबूत मिले हैं।
जांच में पता चला कि आरोपी फेसबुक सहित सोशल मीडिया पर क्रेडिट कार्ड केवाईसी अपडेट करने में मदद के फर्जी विज्ञापन चलाते थे। विज्ञापन पर क्लिक करने वालों से ऑनलाइन फॉर्म भरवाकर निजी जानकारी ली जाती थी। फिर फोन कॉल पर बैंक अधिकारी बनकर, खासकर 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को वीडियो कॉल पर कार्ड डिटेल दिखाने और स्क्रीन शेयर करने के लिए राजी किया जाता था। इससे ओटीपी देखकर जियोमार्ट और फ्लिपकार्ट से महंगे फोन खरीदे जाते थे।
पुलिस के मुताबिक चोरी के फोन को जामताड़ा से दूर झारखंड और पश्चिम बंगाल की अलग-अलग जगहों पर डिलीवर करवाया जाता था और फिर स्थानीय बाजारों में सीलबंद पैक और बिल के साथ कम कीमत पर बेच दिया जाता था, ताकि किसी को शक न हो।
आरोपी आफताब अंसारी बीटेक ग्रेजुएट है और तकनीकी रूप से सक्षम है। पुलिस अब गिरोह के अन्य साथियों, ठगी की कुल रकम और अन्य मामलों से कनेक्शन की जांच कर रही है।
