नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय नौकायन में मनजीत सिंह का नाम काफी प्रतिष्ठित है। मनजीत ने 2008 के बीजिंग और 2012 के लंदन ओलंपिक में पुरुषों की लाइटवेट डबल स्कल्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनकी टीम के अन्य साथी देवेंद्र खंडवाल और संदीप कुमार थे।
मनजीत सिंह का जन्म 10 अक्टूबर 1988 को हुआ था। नौकायन (रोइंग) में मनजीत की रुचि शुरुआत से ही रही। नौकायन एक ऐसा क्षेत्र है, जिसकी लोकप्रियता फिलहाल भारत में धीरे-धीरे बढ़ रही है। ऐसे में खेल की इस विधा में करियर बनाने का मनजीत का फैसला बेहद साहसिक था। उन्होंने 17 साल की उम्र में रोइंग शुरू की थी। उन्होंने इस्माइल बेग और बजरंग लाल से कोचिंग ली। यह उनकी कड़ी मेहनत और लगन का ही नतीजा था कि उन्होंने न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया, बल्कि पदक भी जीता। वह 75 किग्रा में प्रतिस्पर्धा करते रहे हैं।
जूनियर नेशनल्स में सिल्वर मेडल जीतने के बाद, वह हैदराबाद में एक कैंप में एशियन जूनियर चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे थे, जब उन्हें नेशनल कॉल-अप मिला।
मनजीत सिंह अपने करियर की सबसे बड़ी प्रेरणा अपने कोच इस्माइल बेग को मानते हैं। ग्वांग्झू में 2010 में आयोजित एशियन गेम्स में उन्होंने दो अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं में देश के लिए पदक जीता था। अगस्त 2020 में मनजीत सिंह को स्पोर्ट्स में लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए प्रतिष्ठित ध्यानचंद अवॉर्ड मिला।
ध्यानचंद अवॉर्ड के बाद उन्होंने कहा था, “यह अवॉर्ड मेरे लिए बहुत मायने रखता है। यह मेरे लिए लाइफटाइम अचीवमेंट है। इस अवॉर्ड के साथ एक अचीवमेंट का एहसास होता है, जिसका मैं छह साल से इंतजार कर रहा था।”
मनजीत फिलहाल नौकायन में आने वाली नई प्रतिभाओं को प्रशिक्षित कर देश के लिए पदक लाने का जज्बा भरते हैं।
