जम्मू, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में ड्यूटी के दौरान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) का एक जवान गोली लगने से घायल हो गया।
अधिकारियों ने बताया कि घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। घायल जवान की पहचान रियासी जिले के मारी गांव निवासी मोहम्मद मुश्ताक के रूप में हुई है। उन्हें इलाज के लिए रियासी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह घटना सुबह करीब 9:10 बजे हुई, जब जवान ड्यूटी पर तैनात था। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया और गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जम्मू के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया।
अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
यह याद रखना जरूरी है कि 29 सितंबर को कठुआ जिले के मशका इलाके में सेवा-दो जलविद्युत परियोजना इकाई में तैनात कर्मचारियों के बीच कहासुनी के बाद हुई गोलीबारी में चार सीआईएसएफ जवान शहीद हो गए थे।
आंतरिक जांच शुरू की गई और आरोपी हेड कांस्टेबल को पुलिस के हवाले कर दिया गया। मृतकों में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद, और संदीप कुमार शामिल थे।
3 नवंबर, 2025 को, नायक अमरजीत सिंह की सैन्य शिविर में राइफल से आकस्मिक गोली चलने के कारण मृत्यु हो गई। यह घटना तब घटी जब वे शिविर में सक्रिय रूप से पहरेदारी कर रहे थे। उन्हें तुरंत पास के एक फील्ड अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गोली लगने से उनकी मृत्यु हो गई।
29 अगस्त, 2025 को, गांदरबल जिले में आकस्मिक गोलीबारी की घटना में नायक उप्पला रवि कुमार की जान चली गई। वे 54 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। प्रारंभिक जांच में पुष्टि होने पर कि ड्यूटी के दौरान उनकी सर्विस राइफल अनजाने में चल गई, स्थानीय पुलिस ने औपचारिक मामला दर्ज किया।
जम्मू और कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों से जुड़ी आकस्मिक हथियार चलने की घटनाएं मुख्य रूप से नियमित पहरेदारी, वाहन आवागमन या ड्यूटी के तुरंत बाद होती हैं।
परिचालनात्मक दबाव, चुनौतीपूर्ण भूभाग और हथियारों की निरंतर तत्परता प्रमुख परिस्थितिजन्य कारक हैं।
