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‘मतदान का अधिकार छीनने नहीं देंगे’, सीईसी के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा: कर्मवीर बौद्ध

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नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग को लेकर कांग्रेस का विरोध लगातार जारी है। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र और देश में मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई बताया है। दिल्ली में कांग्रेस सांसद मनोज कुमार और कर्मवीर बौद्ध ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

कांग्रेस सांसद कर्मवीर बौद्ध ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को “देश और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई” बताया। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कठिन परिस्थितियों में मेहनत करके देश के प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार दिलाया था लेकिन अब इस अधिकार के छिनने का खतरा पैदा हो गया है।

कर्मवीर बौद्ध ने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष इसी अधिकार की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि जब तक चुनाव आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन देशभर में जारी रहेगा। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस का विरोध किसी एक व्यक्ति या संस्था तक सीमित नहीं है बल्कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है।

वहीं, कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से इंडी गठबंधन ब्लॉक के सांसदों को कनॉट प्लेस में लंच पर बुलाए जाने को लेकर कहा कि यह कार्यक्रम पहले से तय था। उन्होंने बताया कि विपक्षी नेताओं ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 2 से 8 तारीख तक देश के अलग-अलग हिस्सों में ब्लॉक और बूथ स्तर तक धरना देने की घोषणा की थी।

मनोज कुमार ने कहा कि लंच के बाद आगे की रणनीति पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश के अनुसार फैसला लिया जाएगा। उन्होंने विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस के कथित व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को सड़क पर घसीटा जा रहा है और सांसदों को टांग-टांगकर बसों में डाला जा रहा है। पुलिस का यह व्यवहार पूरा देश देख रहा है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से उठी “सच्चाई की चिंगारी” के बीच चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसका असर दिखाई देगा।