नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर जहां समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग का फॉर्मूला सामने नहीं आया है, वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव की ओर से राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में मुस्लिम प्रतिनिधित्व के नहीं होने को लेकर सियासत तेज हो गई है। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि 2027 में अखिलेश यादव को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव यह घोषणा नहीं करते हैं कि अगला मुख्यमंत्री मुसलमान होगा तो वे उन्हें वोट नहीं करेंगे।
नई दिल्ली में मौलाना साजिद रशीदी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि सीटों को लेकर जो बातें आजकल सामने आ रही हैं, उसमें दोनों पार्टियां (सपा-कांग्रेस) जब तक मुसलमानों की बात सड़कों पर नहीं लेकर आएंगी और मुसलमान के लिए मुख्यमंत्री का ऐलान नहीं करेंगी, तब तक सीटें किसी को भी कितनी मिल जाएं, कहीं न कहीं फ्लॉप होने वाली हैं। सपा के मुस्लिम विधायकों और सांसदों को समझना चाहिए कि उनके वोट से पार्टी जीतती है। अब उनके वोट पर उनका मुख्यमंत्री बनना चाहिए।
उन्होंने सपा के राज्यसभा उम्मीदवारों का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव का मुस्लिम प्रेम यह देखने को मिला है कि उनकी तरफ से राज्यसभा के लिए दो नामांकन हुए हैं, उनमें से एक भी मुसलमान नहीं है। हालांकि, वह मुसलमानों के वोट से जीते हैं। अब इसीलिए उनके अंदर कहीं न कहीं एक चीज पैदा हो रही है कि जिस रास्ते पर भारतीय जनता पार्टी चल रही है, उसी रास्ते पर वह भी चलना चाहते हैं और मुसलमानों से कहीं न कहीं दूरी बनाने का काम कर रहे हैं। हम यूपी में 22 से 23 प्रतिशत हैं और यादव 8 से 11 प्रतिशत हैं। अगर 8 से 11 प्रतिशत वालों को चार बार मुख्यमंत्री बना दिया है तो अब हमारा नंबर है।
उन्होंने योग गुरु बाबा रामदेव के बयान पर कहा कि उनकी दुकान कुछ कम चल रही है। वह अपना प्रचार-प्रसार करने के लिए मुसलमानों का सहारा ले रहे हैं। हम अल्लाह को मानते हैं।
संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के एनआरसी वाले बयान पर उन्होंने कहा कि पहले उनकी जांच होनी चाहिए, क्योंकि आजकल वह बड़े बयान दे रहे हैं। पहले इन्होंने कहा कि मुसलमानों की पॉपुलेशन बढ़ रही है, और उनको 1947 के बाद कई शादियां करने की छूट दे दी गई। उनसे पूछा जाना चाहिए कि कितने मुसलमान हैं, जिन्होंने कई शादियां कर रखी हैं। कौन हिंदुस्तान का नागरिक है, कौन नहीं है, पहले इनकी ही जांच होनी चाहिए।
फ्लाईदुबई फ्लाइट में त्रासदी को टालने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे भारतीय कैप्टन इरादों में सक्षम हैं। भारतीय ही इतनी बहादुरी का काम कर सकते हैं। वह बिना किसी भेदभाव के लोगों की मदद करते हैं। उन्होंने जिस तरह से लोगों को बचाया है, यह बहुत बड़ा काम है। पूरा देश इससे खुश है और उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। सरकार से मांग करते हैं कि उन्हें कोई अच्छा पुरस्कार दिया जाए, ताकि उनका और पूरे देश का नाम दुनिया में हो।
