नीट मामले में धर्मेंद्र प्रधान को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए : इमरान मसूद

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सहारनपुर, 17 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने रविवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की।

इमरान मसूद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “यह नैतिकता का मामला होता है। जब नैतिकता ही नहीं बची है, तो क्या किया जा सकता है?”

कांग्रेस सांसद ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब प्रधानमंत्री को यह एहसास हो गया है कि देश आर्थिक और ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने पिछले साल संसद में अर्थव्यवस्था गर्त में जाने की बात कही थी, लेकिन अब शायद प्रधानमंत्री को समझ में आया है। अर्थव्यवस्था निश्चित रूप से बहुत अच्छी नहीं है। सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस मुसीबत से निकलने के रास्ते खोजने चाहिए।”

इमरान मसूद ने ईरान-अमेरिका युद्ध के संभावित प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि इस तनाव से भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर गहरा असर पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल रणनीति बनाने की अपील की।

दूसरी तरफ राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मेडिकल कॉलेजों में कुछ परिवारों का दबदबा है और पेपर लीक के जरिए करोड़ों रुपए की अवैध कमाई हो रही है। उन्होंने संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

दरअसल, नीट विवाद पर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है। इससे पहले लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा था, “मोदी सरकार में कोई अकाउंटेबिलिटी नहीं है – बस धोखे का एक फिक्स्ड फॉर्मूला है। नीट पेपर लीक हुआ – एक भी मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। धर्मेंद्र प्रधान ने नीट के 22 लाख छात्रों के साथ धोखा किया है। उन्होंने संसद का भी अपमान किया है। शिक्षा मंत्री को अभी तुरंत हटाया जाए।”

नीट मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। एनएसयूआई समेत कांग्रेस के छात्र संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष सरकार पर परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से फेल होने का आरोप लगा रहा है, जबकि केंद्र सरकार ने जांच एजेंसियों को मामले की तेज जांच के निर्देश दिए हैं।