नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता के साथ हुई मारपीट के मामले में गिरफ्तार आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत इस मामले में 15 सितंबर को फैसला सुनाएगी। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने दिल्ली पुलिस से तीखे सवाल पूछे। कोर्ट ने पूछा कि क्या घटना के समय आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल किया था?
इस पर दिल्ली पुलिस ने जवाब दिया कि जब पीड़ित परिवार द्वारा पहली बार शिकायत दर्ज कराई गई थी, तब जाति सूचक शब्द के इस्तेमाल की बात नहीं कही गई थी। बाद में जब दोबारा बयान दर्ज कराया गया, तब जाति सूचक शब्द का जिक्र किया गया, जिसके आधार पर एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट की धारा जोड़ी गई है।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट की थी। इस घटना को लेकर दर्ज एफआईआर में पुलिस ने मारपीट के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट भी जोड़ा है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
आरोपी पक्ष के वकील ने जमानत की मांग करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को झूठे मामले में फंसाया गया है। पहली शिकायत में एससी/एसटी का कोई जिक्र नहीं था, बाद में इसे जोड़ा गया है। पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला संवेदनशील है और जांच अभी जारी है।
पटियाला हाउस कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में कोर्ट का आदेश 15 सितंबर को आएगा, जिससे तय होगा कि आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को जमानत मिलेगी या उसे अभी जेल में ही रहना पड़ेगा।
