सहारनपुर, 7 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब ‘तुष्टीकरण’ नहीं, बल्कि ‘संतुष्टिकरण’ की राजनीति हो रही है। पहले सरकारों का धन कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल, कब्जों और जातीय-साम्प्रदायिक तुष्टीकरण में खर्च होता था, लेकिन आज वही पैसा सड़क, विश्वविद्यालय, स्पोर्ट्स कॉलेज, आरसीसी ड्रेन, एक्सप्रेसवे और धार्मिक-पर्यटन स्थलों के विकास में लगाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सहारनपुर, जो कभी दंगों, फतवों, पलायन के कारण बदनाम था, आज विकास, कनेक्टिविटी और औद्योगिक प्रगति की नई पहचान बन चुका है। मां शाकम्भरी धाम के पुनरुद्धार से लेकर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित एयरपोर्ट, स्पोर्ट्स कॉलेज, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और इंडस्ट्रियल-लॉजिस्टिक हब तक, सहारनपुर में विकास की नई धारा बह रही है।
सीएम योगी गुरुवार को सहारनपुर में 2,131 करोड़ रुपए की 325 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास/लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीतियों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तस्वीर व तकदीर, दोनों बदली हैं। पहले सहारनपुर से दिल्ली पहुंचने में 6 घंटे और लखनऊ पहुंचने में 12-14 घंटे लगते थे, लेकिन अब एक्सप्रेसवे और आधुनिक कनेक्टिविटी के कारण दिल्ली मात्र ढाई घंटे और लखनऊ करीब 6 घंटे की दूरी पर रह गया है।
उन्होंने कहा कि जो तत्व विकास में बाधक बनते हैं, वे जाति व तुष्टीकरण की राजनीति से समाज को बांटने का प्रयास करते हैं, लेकिन अब जनता विकास, सुरक्षा और राष्ट्रवाद के साथ खड़ी है। अच्छी सरकारें चुनी जाती हैं तो परिणाम भी अच्छे आते हैं और सहारनपुर इसका जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है।
सीएम योगी ने कहा कि सहारनपुर वही जनपद है, जहां वर्ष 2013 से 2016 तक दंगे, कर्फ्यू, पलायन और अराजकता का माहौल बना रहता था। शिक्षा, खेल और उद्योग का कोई बड़ा केंद्र नहीं था। किसान परेशान था, नौजवान पलायन कर रहा था और व्यापारी भय में जी रहे थे। फतवों और कुसंस्कृति के कारण देवबंद बदनाम हो चुका था।
2016 के सिख विरोधी दंगे और मुजफ्फरनगर-शामली की हिंसा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश जल रहा था, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं था। 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद सहारनपुर ने नई पहचान हासिल की। यहां की विश्वस्तरीय काष्ठ कला को नया मंच मिला और आज सहारनपुर अपने दम पर विशिष्ट पहचान बना चुका है।
उन्होंने कहा कि आज सहारनपुर तेजी से विकास और कनेक्टिविटी का बड़ा केंद्र बन रहा है। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-बागपत-शामली-सहारनपुर-देहरादून सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, जिससे कनेक्टिविटी को नया आयाम मिला। सहारनपुर में दिल्ली व देहरादून के बीच पहला बड़ा इंडस्ट्रियल व लॉजिस्टिक हब विकसित किया जा रहा है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मेरठ में देश की पहली रैपिड रेल और मेरठ से प्रयागराज तक बने लगभग 600 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। अब सहारनपुर से प्रयागराज साढ़े सात घंटे में पहुंचा जा सकेगा।
उन्होंने आगे कहा कि सहारनपुर में मां शाकम्भरी विश्वविद्यालय की स्थापना होने जा रही है, एयरपोर्ट का कार्य अंतिम चरण में है और बेहट में स्पोर्ट्स कॉलेज बन रहा है। आधुनिक बस स्टेशन, आरसीसी ड्रेन और बेहतर सड़क नेटवर्क पर तेजी से काम हो रहा है। मां शाकम्भरी धाम तक श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा के लिए एलिवेटेड हाईवे का निर्माण किया जा रहा है, जिससे हर मौसम में आसानी से दर्शन हो सकेंगे। जो सहारनपुर कभी फतवों की संस्कृति के कारण बदनाम था, वही आज विकास, प्रगति और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पहचाना जा रहा है और पूरे भारत की समृद्धि में योगदान दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों सहारनपुर, बिजनौर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर और बागपत में विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चल रही है। विकास का कोई विकल्प नहीं होता, लेकिन कुछ तत्व जाति और तुष्टीकरण की राजनीति के जरिए समाज को बांटने का प्रयास करते हैं। फतवों की संस्कृति को बढ़ावा देने वाले, गुंडों और माफिया को संरक्षण देने वाले लोग सनातन संस्कृति पर प्रहार के समय मौन हो जाते हैं, लेकिन अब जनता सब समझ चुकी है। डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, विकास और सुशासन के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नौजवानों को नई पहचान और नया विश्वास दिया है।
सीएम योगी ने कहा कि पहले देवबंद से हर छोटी-बड़ी बात पर फतवे जारी किए जाते थे। खाना कैसे खाना है, यह भी देवबंद से तय होता था, लेकिन कुंवर बृजेश सिंह जैसे लोगों ने कहा कि व्यक्ति की स्वतंत्रता में बाधा और देश की सुरक्षा में सेंध नहीं लगनी चाहिए। उनके प्रस्ताव पर हमने यहां तुरंत एटीएस (एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड) का केंद्र स्थापित कर दिया। हमारे एटीएस के कमांडो निरंतर निगरानी रखते हैं। कोई भी देशद्रोही सिर उठाएगा तो उसका काम तमाम होना तय है। जो सुरक्षा में सेंध लगाएगा, नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे अंजाम भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं। वंदे मातरम के अपमान को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रख दिया गया है। अब कोई भी भारत के प्रतीकों का अपमान करेगा तो उसे सजा होगी। यह नहीं चल सकता कि भारत में रहें, भारत का खाना खाएं और दुश्मन के गीत गाएं। यह देश इसे स्वीकार नहीं कर सकता। राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों के प्रति हमें सचेत रहना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जो प्रगति आप देख रहे हैं, यह डबल इंजन सरकार की गति का परिणाम है। इस प्रगति के पीछे हमारे जन प्रतिनिधियों का अथक प्रयास है। आज यहां 2,131 करोड़ रुपए की कुल 325 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण हो रहा है। इनमें 184 परियोजनाओं (500 करोड़ रुपए) का लोकार्पण और 141 परियोजनाओं (1,631 करोड़ रुपये) का शिलान्यास शामिल है। ये परियोजनाएं बेहट, रामपुर मनिहारन, सहारनपुर नगर, सहारनपुर देहात, नकुड़, गंगोह और देवबंद सभी क्षेत्रों को शामिल करती हैं। सहारनपुर की गलियों से लेकर हर गांव तक बेहतर कनेक्टिविटी और विकास की नई गति प्रदान की जा रही है।
इस अवसर पर सहारनपुर के प्रभारी मंत्री सुनील कुमार शर्मा, लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास विभाग के राज्य मंत्री जसवंत सैनी, विधायकगण राजीव गुंबर, मुकेश चौधरी, कीरत सिंह, देवेंद्र निम, वंदना वर्मा, दिनेश गोयल, महापौर डॉ. अजय कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया, भाजपा जिला अध्यक्ष अजीत सिंह राणा, महानगर अध्यक्ष शीतल बिश्नोई, जिला प्रभारी डी.के. शर्मा, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष चौधरी राजपाल सिंह, पूर्व सांसद राघव लखनपाल, प्रदीप चौधरी तथा अन्य लोग उपस्थित रहे।

