Saturday, August 22, 2026
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पैलेट गन कांड में एफआईआर की मांग को लेकर कांग्रेस का धरना, हरीश रावत बोले- न्याय मांगना अराजकता नहीं

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नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए आंदोलनों के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल से प्रभावित साहिल के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया।

कांग्रेस का आरोप है कि पैलेट गन से घायल साहिल की आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा है और उसकी जिंदगी प्रभावित हुई है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने राहुल गांधी के धरने को लेकर भाजपा की ओर से लगाए जा रहे अराजकता के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि न्याय की मांग करना अराजकता है तो भाजपा नेताओं की इस समझ पर उन्हें आश्चर्य है। पैलेट गन से घायल व्यक्ति न्याय की गुहार लेकर पुलिस के पास पहुंचा है। साहिल की आंख को नुकसान पहुंचा है और उसकी जिंदगी प्रभावित हुई है। पीड़ित पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग कर चुका है, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि जब पीड़ित राहुल गांधी के पास पहुंचा तो विपक्ष के नेता ने पुलिस से कहा कि उसकी एफआईआर दर्ज की जाए। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के कारण ही राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं को धरने पर बैठना पड़ा। पीड़ित व्यक्ति एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर सकता है और उसके बाद जांच की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए। नागरिक के अधिकार और न्यायालयों के पूर्व निर्देशों के अनुसार शिकायत मिलने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। जांच एफआईआर दर्ज होने के बाद भी की जा सकती है। पार्टी का आंदोलन आगे और तेज होगा। संघर्ष आगे बढ़ेगा। यह संघर्ष की पुकार है और यदि अन्याय जितना बढ़ेगा, उसके खिलाफ कांग्रेस संघर्ष करेगी।

महाराष्ट्र के पुणे में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी पैलेट गन मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने की मांग के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की। खेड़ा ने दावा किया कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता कई घंटे से संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे रहे। भारी गर्मी के बावजूद कांग्रेस नेता पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। साहिल को पहले भी राहुल गांधी ने मीडिया के सामने लाकर पैलेट गन से लगी चोटों के बारे में जानकारी दी थी। अब पीड़ित की ओर से अन्य सबूत भी सामने रखे गए हैं, जिनमें कथित पैलेट्स और एम्स की मेडिकल रिपोर्ट शामिल है।

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से यह कहा जा रहा है कि उस पर ‘ऊपर से दबाव’ है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिस पर वास्तव में किसी तरह का दबाव है तो यह दबाव किसका है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से सीधे जवाब मांगते हुए कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था।

पवन खेड़ा ने कहा कि भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री या गृह मंत्री का बचाव करने के लिए दूसरे नेताओं को सामने भेजने के बजाय संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति को खुद सामने आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एफआईआर क्यों नहीं हो रही है और पुलिस पर कथित दबाव किसका है?