पटना, 14 जून (आईएएनएस)। बिहार के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर मद्य निषेध विभाग की परीक्षा के उम्मीदवारों की भारी भीड़ जमा हो गई और ट्रेन की अपर्याप्त सुविधाओं को लेकर हिंसा भड़क गई। घंटों तक तोड़-फोड़ और पत्थरबाजी होती रही, जिसमें कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया है और सीसीटी फुटेज के जरिए मामले की जांच कर रही है। उपद्रव के समय मौजूद रहे प्रत्यक्षदर्शियों ने आईएएनएस से पूरी दास्तां बताई।
प्रत्यक्षदर्शी राजकुमार ने कहा, “बिहार पुलिस की परीक्षा थी, जिसकी वजह से स्टेशन पर बहुत भीड़ थी। कोई स्पेशल ट्रेन नहीं चली थी, जो भी ट्रेन आ रही थी, उसमें बहुत भीड़ थी। ट्रेन नहीं तो अभ्यर्थियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। मौके पर मौजूद प्रशासन पत्थरबाजी देख पीछे हट गया। पत्थर लगने से स्टेशन पर लगी स्टालों को नुकसान पहुंचा है।”
प्रत्यक्षदर्शी करन कुमार ने बताया, “स्टेशन पर परीक्षा के लिए बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे थे। युवा अचानक आक्रोशित होकर ट्रेन पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव से कई दुकानों को नुकसान पहुंचा और कई यात्रियों को भी चोटें लगी हैं। पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। रात में 12.30 बजे से हंगामा, पत्थरबाजी शुरू हुआ, जो सुबह 5 बजे तक चला। पुलिस ने बड़ी मशक्कत से हालात पर काबू पाया।
आईजी जितेंद्र राणा के मुताबिक, लगभग 200-250 छात्र ट्रेन को चलने से रोक रहे थे। जब पुलिस ने आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस बल के साथ मिलकर उन्हें रास्ता खाली करने के लिए मनाने की कोशिश की, तो उनमें से कुछ लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए पुलिस ने जरूरी कार्रवाई की। पुलिस ने भीड़ को हटा दिया गया और अब सभी ट्रेनें फिर से चलने लगी हैं। पथराव में कुछ कर्मियों को भी पत्थर लगे। पुलिस इस मामले में पथराव करने वालों की पहचान कर रही है। इसके साथ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि उपद्रवियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

