चंडीगढ़, 18 मई (आईएएनएस)। कथित तौर पर 150 करोड़ रुपए की हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार पंजाब के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। अरोड़ा पिछले आठ दिनों से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिमांड पर हैं।
जानकारी के अनुसार, संजीव अरोड़ा की ईडी रिमांड सोमवार को खत्म हो रही है। गिरफ्तारी के बाद गुरुग्राम की कोर्ट में संजीव को 16 मई तक हिरासत में भेज दिया था। इस कारण प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पंजाब के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को दोपहर में गुरुग्राम की एक अदालत में पेश करेगी।
इसके अलावा, ईडी ने इस मामले में संजीव अरोड़ा से जुड़े चार लोगों को पूछताछ के लिए दिल्ली कार्यालय में तलब किया है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे सोमवार को संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों के साथ एजेंसी के सामने पेश हों।
संजीव अरोड़ा से जुड़े मामले में बसंत गर्ग (आईएएस), हरशरण कौर ट्रेहन (निदेशक, पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड), हेमंत सूद और चंद्र शेखर को ईडी ने बुलाया है। दावा है कि हेमंत सूद और चंद्र शेखर बुकी हैं और संजीव अरोड़ा के करीबी सहयोगी हैं। इस मामले में रविवार को ईडी ने संजीव अरोड़ा के बेटे काव्य अरोड़ा से भी पूछताछ की थी।
संजीव अरोड़ा को ईडी ने 9 मई को उनके सरकारी आवास से मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था।
अरोड़ा को एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी के छापों का सामना करना पड़ा था। यह मामला कथित तौर पर औद्योगिक भूमि को आवासीय परियोजनाओं के लिए बदलने से जुड़ा था। उस समय, वे राज्यसभा सांसद थे। 9 मई को चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, जिन परिसरों की तलाशी ली गई, उनमें चंडीगढ़ में कैबिनेट मंत्री के तौर पर अरोड़ा को आवंटित सरकारी आवास भी शामिल है।

