Monday, June 22, 2026
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पंजाब पुलिस ने 1 रॉकेट लॉन्चर, हैंड ग्रेनेड और आरडीएक्स सहित तीन पिस्तौलें पकड़ीं

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चंडीगढ़, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। पटियाला जिले के शंभू में 27 अप्रैल को रेलवे ट्रैक पर हुए आईईडी विस्फोट के प्रयास की जांच के दौरान पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक पदार्थ पकड़े गए हैं। इससे पाकिस्तान की आईएसआई और खालिस्तान समर्थक तत्वों से जुड़ी गहरी जड़ें जमा चुकी आतंकी साजिश को एक बड़ा झटका लगा है।

डीजीपी ने बताया कि पटियाला पुलिस और एसएसओसी अमृतसर ने संयुक्त अभियान में तरनतारन जिले के पंजवार खुर्द गांव से 1 रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) लॉन्चर, 2.296 किलोग्राम वजन का 1 धातु का आईईडी (डेटोनेटर और बैटरी सहित), 1.456 किलोग्राम वजन के आरडीएक्स के 2 पैकेट, 1 हैंड ग्रेनेड, मैगजीन और गोला-बारूद सहित 3 उच्च श्रेणी की पिस्तौलें और हेडफोन सहित 2 वायरलेस सेट बरामद किए हैं।

जांच से पता चला है कि इस आतंकी मॉड्यूल को मलेशिया स्थित एक संस्था का समर्थन प्राप्त था और वित्तीय सहायता मलेशिया के माध्यम से भेजी जा रही थी। सिरहिंद रेलवे ट्रैक विस्फोट और सीआईए मोगा पर हुए ग्रेनेड हमले से इस नेटवर्क के संबंधों की जांच की जा रही है। आतंकी तंत्रों को नष्ट करने, संगठित अपराध-आतंकवादी नेटवर्कों को तोड़ने और राज्य भर में स्थायी शांति, जन सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

इससे पहले शंभू में रेलवे ट्रैक पर धमाके की कोशिश के लिए जिम्मेदार चार कट्टरपंथी और अपराधियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मानसा के प्रदीप सिंह खालसा, मानसा के बप्पियाना गांव के कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, तरनतारन के पंजवार के सतनाम सिंह उर्फ सत्ता और तरनतारन के गोइंदवाल बाईपास के गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी के रूप में हुई थी। आरोपियों के पास से बरामद किए गए सामान में एक हैंड ग्रेनेड, दो 30 बोर पिस्तौलें, गोला-बारूद, विस्फोटों में इस्तेमाल किए जाने वाले तकनीकी रूप से संचार उपकरण और लैपटॉप शामिल बरामद हुए थे।

पटियाला रेंज के उप महानिरीक्षक कुलदीप चहल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा ने मीडिया को बताया कि रेलवे ट्रैक पर विस्फोट के प्रयास के मामले का आतंकी मॉड्यूल का रिकॉर्ड 12 घंटे के अंदर पर्दाफाश हो गया। आरोपी खालसा इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना था और मलेशिया स्थित खालिस्तान समर्थक आतंकवादी के साथ-साथ पाकिस्तान स्थित हथियार आपूर्तिकर्ताओं के भी करीबी संपर्क में था। आरोपी खालसा कट्टरपंथी युवाओं को आतंकी प्रशिक्षण के लिए मलेशिया भेजता था और फिर उन्हें आतंकी गतिविधियों का काम सौंपता था। आरोपी ने ‘चलदा वहीर चक्रवर्ती, अतरिये’ नाम से एक कट्टरपंथी संगठन भी बनाया है।