कोलकाता, 8 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में भाजपा पहली बार सरकार बनाने जा रही है और इसके मुखिया सुवेंदु अधिकारी को चुना गया है। शुक्रवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को नेता चुना गया। बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके नाम का ऐलान किया।
सुवेंदु अधिकारी के सीएम बनने की खबर से उनके आवास पर स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों के अनुसार, मेहनत का फल भाजपा ने उन्हें दिया है।
कुछ लोगों ने आईएएनएस से बातचीत की। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि अच्छी बात है कि सुवेंदु दादा सीएम बनने वाले हैं। उन्होंने बहुत मेहनत की है, अब उसका फल मिल रहा है। हम लोग बहुत खुश हैं। मेरे घर के दादा मुख्यमंत्री बनने वाले हैं।
सीमा दास ने कहा कि बहुत खुशी हो रही है। मैं उन्हें अपनी ओर से शुभकामनाएं देती हूं। भाजपा सरकार में सभी के लिए काम होगा। हम इस सरकार से महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने की उम्मीद करते हैं।
शिवशंकर दास ने कहा कि बहुत खुशी हो रही है। यह सनातन की जीत है। ममता बनर्जी के कुशासन को हटाने के लिए यह जीत मिली है।
दूसरी ओर, भाजपा से नवनिर्वाचित विधायक दिलीप घोष ने कहा कि यह बहुत बड़ा और खुशी का दिन है। 75 साल बाद, लोगों ने कमल को खिलते हुए देखा है।
असम और पश्चिम बंगाल में एससी-एसटी के लिए आरक्षित सबसे ज्यादा सीटें जीतने पर भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक स्वप्न मजूमदार ने कहा कि जहां भी पिछड़ापन है, वहां लोगों ने भाजपा का समर्थन किया है, क्योंकि भाजपा जातिगत भेदभाव के आधार पर काम नहीं करती है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर नवनिर्वाचित विधायक तरुणज्योति तिवारी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की मशहूर लाइन थी, ‘अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा।’ बंगाल में अब कमल खिल चुका है। हम सभी खुश हैं कि ‘गुंडा राज’ खत्म हो गया है और तानाशाही शासन का अंत हो गया है। 9 मई को एक राष्ट्रवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है, इसलिए हम खुश हैं।
नवनिर्वाचित विधायक सुब्रत ठाकुर ने कहा कि एससी और एसटी समुदायों ने पारंपरिक रूप से हमारा समर्थन किया है। जनता प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास और प्रगति चाहती है।
भाजपा सांसद मनोज तिग्गा ने कहा कि पहली बार भाजपा की सरकार बन रही है। यह तय है कि आजादी के बाद के वर्षों में जो काम नहीं हुए थे, उन्हें अब भाजपा पूरा करेगी। कांग्रेस 60-70 सालों में जो हासिल नहीं कर पाई, उसे पीएम मोदी ने कर दिखाया है।

