श्रीनगर, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता तनवीर सादिक ने इंडिया ब्लॉक की बैठक, डोडा के हिजाब विवाद, जम्मू-कश्मीर विधानसभा के हालिया सत्र और विधायकों के वेतन में बढ़ोतरी को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मजबूत विपक्ष को लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया और डोडा मामले में धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया।
इंडिया ब्लॉक की बैठक पर तनवीर सादिक ने कहा कि देश में मजबूत विपक्ष की जरूरत है। मौजूदा परिस्थितियों में और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एक मजबूत विपक्ष स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है। इसी उद्देश्य से इंडिया ब्लॉक की बैठक हुई और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। मजबूत विपक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में भूमिका निभा सकता है।
डोडा में हिजाब को लेकर सामने आए विवाद पर तनवीर सादिक ने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है। अलग-अलग धर्मों में लोग अपनी धार्मिक पहचान के अनुरूप अलग-अलग प्रतीकों और परिधानों का इस्तेमाल करते हैं। मुस्लिम महिलाएं नकाब या अबाया पहनती हैं, वहीं अन्य धर्मों में भी धार्मिक प्रतीकों और परंपरागत परिधानों का पालन किया जाता है। ऐसे में यदि कोई मुस्लिम महिला या छात्रा अपनी धार्मिक पहचान के अनुरूप परिधान पहनते हुए अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, तो उसे लेकर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर किसी के काम में कोई वास्तविक बाधा हो तो उस पर चर्चा की जा सकती है, लेकिन केवल धार्मिक परिधान के आधार पर रोक लगाना उचित नहीं है। उन्होंने संबंधित मामले में माफी मांगने और कार्रवाई किए जाने की मांग भी की।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के हालिया सत्र पर तनवीर सादिक ने कहा कि विपक्ष, खासकर भाजपा के सदस्यों के विरोध के कारण, उनके अपने ही क्षेत्र से जुड़े कई सवाल सदन में नहीं उठ सके। उन्होंने दावा किया कि करीब 70 सवाल भाजपा सदस्यों के थे, जिन्हें सदन में हंगामे और वेल में विरोध के कारण उठाया नहीं जा सका। इसके बावजूद यदि कोई इस सत्र को असफल बताता है तो उसे अपने प्रदर्शन पर विचार करना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और विधानसभा अध्यक्ष की भी सराहना की। सादिक ने दावा किया कि सरकार ने सवालों के जवाब दिए और अध्यक्ष ने सदन को चलाने की जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने इसे एक अच्छा विधानसभा सत्र बताया।
विधायकों के वेतन में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर तनवीर सादिक ने भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वेतन से संबंधित आवेदन पर भाजपा के सदस्यों ने भी हस्ताक्षर किए थे और जिस समिति ने इस मामले में रिपोर्ट तैयार की, उसके अध्यक्ष भी भाजपा से जुड़े थे। समिति की ओर से विधायकों का वेतन तीन लाख रुपए करने की बात सामने आई थी। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इसका समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा था कि सरकार पर पहले से ही डेली वेजर्स और कैजुअल कर्मचारियों के वेतन की जिम्मेदारी है, इसलिए तत्काल इतनी बड़ी बढ़ोतरी संभव नहीं है।
तनवीर सादिक ने आरोप लगाया कि जब वेतन बढ़ोतरी की मांग पूरी नहीं हुई तो बीजेपी नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर विरोध शुरू कर दिया। यदि वास्तव में वेतन बढ़ोतरी पर आपत्ति थी, तो समिति की रिपोर्ट में ही इस पर स्पष्ट असहमति दर्ज की जा सकती थी। उन्होंने पूरे विवाद को राजनीतिक मुद्दा बताते हुए कहा कि असल नाराजगी तीन लाख रुपए वेतन की मांग पूरी नहीं होने को लेकर है।
