कोयंबटूर, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के थेनी जिले की जेल से भागे 17 कैदियों में से 4 को पकड़ लिया गया है। कानून मंत्री निर्मल कुमार ने कहा कि जेल की सुरक्षा में हुई चूक की जांच की जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए कानून मंत्री निर्मल कुमार ने कहा कि थेनी जेल से भागे 17 कैदियों को पकड़ने के लिए सोमवार रात से सर्च ऑपरेशन चल रहा है, जिसमें से चार लोगों को पहले ही पकड़ लिया गया है। उन्होंने कहा कि डीजी जेल की लीडरशिप में जांच की जाएगी। जांच में पता लगाया जाएगा कि जिला जेल से भागने में किन सुरक्षा चूकों की वजह से वे भागे। उन्होंने बताया कि कैदियों के साथ गंभीर मारपीट की गई थी।
पूर्व शिक्षा मंत्री से जुड़े मामले के बारे में उन्होंने बताया कि उस व्यक्ति को रात 1:30 बजे जेल भेज दिया गया था। इसके अलावा, उन्होंने डीएमके पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी के लिए शर्म की बात है कि उसके एक मंत्री को एक फाइल को मंजूरी देने के बदले पार्टी के लिए फंड लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट में बच्चों के लिए सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने से जुड़ा 400 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। उनका दावा है कि यह रकम एक ही साल में इकट्ठा की गई थी। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को बच्चों की सेफ्टी से जुड़े इस मामले में शर्म आनी चाहिए।
उन्होंने करूर में केस दर्ज करने के बारे में की गई बातों और मंत्री अंबिल महेश के समर्थकों द्वारा कथित तौर पर की गई बातों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और इसमें शामिल लोगों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जाए।
उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीतिक बदले की भावना का कोई इरादा नहीं है और कहा कि इन सर्टिफिकेट को जारी करने की प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं। कोयंबटूर में एक स्टूडेंट की मौत की घटना पर बात करते हुए, मंत्री ने कहा कि इस मामले में किसी ने कोई दखल नहीं दिया है और स्वतंत्र जांच की जा रही है।
बिजली सेक्टर के बारे में मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली के टैरिफ अभी रिव्यू में हैं और साफ किया कि तमिलनाडु के “पावर-सरप्लस” राज्य होने का दावा गलत है। मंत्री निर्मल कुमार ने आगे कहा कि तमिलनाडु की अपनी बिजली बनाने की क्षमता लगभग 5,300 मेगावाट है।
