नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा को मिले जनादेश पर खुशी जाहिर की। उन्होंने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिली बढ़त ने इंडिया ब्लॉक में शामिल घटक दलों को यह संदेश देने का काम किया है कि अब किसी भी कीमत पर तुष्टिकरण की राजनीति काम नहीं आने वाली है।
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में प्रह्लाद जोशी ने कहा कि अगर किसी पार्टी को लगता है कि वो तुष्टिकरण की राजनीति के दम पर अपने लिए स्थिति अनुकूल बना सकती है, तो मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि यह उसकी गलतफहमी है, लिहाजा उसे अपनी गलतफहमी दूर कर लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह से गुंडागर्दी का माहौल बना हुआ था, जिस तरह से घुसपैठियों को मताधिकार का हक दिया जा रहा था, उन सब स्थिति को ध्यान में रखते हुए मतदान को काफी अहम माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुशासन के लिए यह जनादेश दिया है।
केरल के चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि अब पूरा देश कम्युनिस्ट मुक्त हो चुका है। केरल में भी अब ये लोग चले गए हैं। अगर असम की बात करें तो वहां पर तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। हिमंता बिस्वा सरमा के कामों से वहां के लोग खासा प्रभावित हुए हैं, क्योंकि उन्होंने हमेशा से ही जनता के हितों को प्राथमिकता दी है। यह उसी का नतीजा है कि आज की तारीख में असम में भाजपा की सरकार बनने जा रही है, तो कुल मिलाकर इसे भाजपा के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया जाना चाहिए।
पुडुचेरी का भी जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुडुचेरी एक छोटा सा केंद्र शासित प्रदेश है। यहां पर भी अगर आज की तारीख में भाजपा के लिए अनुकूल स्थिति पैदा हो पाई है, तो निश्चित तौर पर इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि हैरानी की बात है कि जो लोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे, उन लोगों को टीएमसी और इंडिया ब्लॉक में शामिल घटक दलों के नेता समर्थन करते थे। इसी वजह से अगर केरल को छोड़ दिया जाए, तो हर राज्य में कांग्रेस को लोगों ने खारिज कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि इतिहास में पहली बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने जा रही है। बाकी सभी दलों को प्रदेश की जनता सिरे से खारिज कर रही है, क्योंकि इन लोगों ने कभी जनता के हितों को प्राथमिकता नहीं दी। यह वजह से उन लोगों को आज प्रदेश की जनता अस्वीकार करने पर आमादा हो चुकी है।

