भोपाल : 30 सितम्बर/ बच्चों के भोजन एवं पोषण के अधिकार को लेकर तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन 2 से 4 अक्टूबर 2026 तक भोपाल स्थित आइकफ आश्रम में आयोजित किया जाएगा। रोजी-रोटी अधिकार अभियान की ओर से आयोजित सम्मेलन में देशभर से जमीनी स्तर पर काम करने वाले संगठन, समुदायों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, शोधकर्ता, विषय विशेषज्ञ और जन आंदोलनों से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे।
भारत ज्ञान विज्ञान समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशा मिश्रा ने सम्मेलन की जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन के पहले दिन बच्चों के भोजन, आजीविका और सम्मान के साथ जीने के संवैधानिक अधिकार, विस्थापन और बेदखली का बच्चों की भोजन तक पहुंच पर प्रभाव, युद्ध एवं संघर्ष की परिस्थितियों में बच्चों के भोजन के अधिकार तथा जाति, धर्म, लिंग और जातीयता के आधार पर भेदभाव जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। सत्र में जाने-माने अर्थशास्त्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता ज्यांड्रेज, सीटू के राष्ट्रीय सचिव एवं अखिल भारतीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका महासंघ के महासचिव कॉमरेड ए.आर. सिंधु तथा कोरकू आदिवासी समुदाय की पहली पीढ़ी की नेता और जमीनी शासन एवं वन अधिकारों की राष्ट्रीय मास्टर ट्रेनर ललिता बेठेकर वक्ता होंगी।
इसके अलावा भारत में बच्चों के भोजन के अधिकार की मौजूदा सामाजिक-राजनीतिक स्थिति, खाद्य प्रणालियों के व्यवसायीकरण और बच्चों के स्वास्थ्य पर अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के प्रभाव पर भी विचार-विमर्श होगा। कुपोषण और भुखमरी के सत्र में डॉ. मनोहर अगनानी, विस्थापन एवं असमानता के मुद्दे पर कोमल श्रीवास्तव सहित विभिन्न विषय विशेषज्ञ भाग लेंगे। जलवायु परिवर्तन, आपदा और बच्चों के पोषण पर डॉ. रघुनन्दन तथा खाद्य प्रणाली के निजीकरण, व्यवसायीकरण एवं कॉर्पोरेटीकरण पर डॉ. नूपुर बिडला चर्चा करेंगी।
दूसरे दिन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 तथा संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन पर अलग-अलग सत्र होंगे। एकीकृत बाल विकास सेवाओं पर दीपा सिन्हा और शैलेश सहित प्रतिनिधि, प्रधानमंत्री पोषण योजना पर डॉ. वंदना प्रसाद, मातृवंदना और अन्य राज्य स्तरीय योजनाओं पर रीता, जबकि कृषि, पोषण और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की अनुसूची-3 पर रोहित पारख, नीतू शर्मा और दिनेश अब्रोल चर्चा करेंगे।
सम्मेलन में भूख और संकट से जुड़े समाचारों की प्रस्तुति पर मीडिया कर्मियों के साथ चर्चा भी होगी। इसमें स्वतंत्र पत्रकार बिंदु, बूमलाइव की हेरा राजबान, स्वतंत्र पत्रकार रोहिन कुमार, श्रावणी सरकार तथा स्वतंत्र पत्रकार एवं वृत्तचित्र फिल्म निर्माता तेज बहादुर सिंह शामिल होंगे।
तीन दिवसीय सम्मेलन के अंतिम दिन प्रस्तावों और कार्ययोजनाओं पर चर्चा के बाद बच्चों के भोजन के अधिकार को लेकर घोषणा-पत्र तैयार किया जाएगा। इसके बाद सम्मेलन की प्रेस वार्ता और समापन सत्र होगा तथा बच्चों के अधिकारों के लिए जन जागरण पदयात्रा निकाली जाएगी।

