SGSU Advertisement
Home खबर केंद्र ने राज्यों से उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली आपूर्त‍ि सुनिश्चित करने को...

केंद्र ने राज्यों से उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली आपूर्त‍ि सुनिश्चित करने को द‍िशान‍िर्देश का पालन करने को कहा

0
100

नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने तेजी से बढ़ती बिजली की मांग के अनुरूप देश की बिजली क्षमता में पर्याप्त वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को “संसाधन पर्याप्तता दिशानिर्देश” का पालन करने के लिए एक विस्तृत पत्र भेजा है।

पत्र में कहा गया है कि संसाधन पर्याप्तता (आरए) दिशानिर्देशों के अनुसार, वितरण लाइसेंसधारियों को ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 10 साल के क्षितिज (रोलिंग आधार पर) के लिए आरए योजना तैयार करना अनिवार्य है।

पत्र में लिखा है,“यह जरूरी है कि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार 2024-25 से 2033-34 की अवधि के लिए अपनी संसाधन पर्याप्तता योजनाओं को पूरा करना होगा। यह आवश्यक है कि सभी वितरण लाइसेंसधारी चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति के लिए पर्याप्त क्षमता व‍िकसित करें।”

इसमें कहा गया है कि आज की तारीख में वर्ष 2031-32 तक के लिए “संसाधन पर्याप्तता (आरए) अध्ययन” केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) द्वारा 23 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों, अर्थात् दिल्ली, गोवा, सिक्किम, हरियाणा, बिहार, पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर के लिए के लिए आरए अध्ययन प्रगति पर है।

“हालांकि, वितरण लाइसेंसधारियों को अब राष्ट्रीय स्तर के आरए अध्ययन करने के लिए वर्ष 2033-34 तक का डेटा सीईए को जमा करना होगा। तदनुसार, संसाधन पर्याप्तता दिशानिर्देशों के पालन के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 2 फरवरी, 2024 को एक विस्तृत पत्र भेजा गया है।”

इसमें लिखा है कि बिजली (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020 के नियम 10 में कहा गया है कि वितरण लाइसेंसधारियों को कुछ उपभोक्ता श्रेणियों को छोड़कर, जिनके लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग ने कम निर्धारित किया है, सभी ग्राहकों को चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति प्रदान करनी होगी।

पत्र में लिखा है,”भारतीय अर्थव्यवस्था के उच्च दर से बढ़ने और वर्ष 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है। इसके परिणामस्वरूप, हमारी बिजली की खपत भी बढ़ गई है, अधिकतम बिजली की मांग 2014 में 136 गीगावॉट से आज 243 गीगावॉट तक यानी 79 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है।”

इसमें लिखा है कि तदनुसार, हमारी उत्पादन क्षमता में भी विस्तार हुआ है। यह मार्च 2014 में 248.5 गीगावॉट से बढ़कर दिसंबर 2023 में 428.3 गीगावॉट हो गई है, जो 72.4 प्रतिशत की वृद्धि है।

पत्र में लिखा है, “इसके अतिरिक्त, देश ने पूरे देश में 117 गीगावॉट बिजली स्थानांतरित करने के लिए पर्याप्त अंतर-क्षेत्रीय ट्रांसमिशन बुनियादी ढांचा स्थापित किया है।”

इसमें कहा गया है कि तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह जरूरी है कि देश की उत्पादन क्षमता भी त्वरित गति से विकसित हो।