Monday, May 25, 2026
SGSU Advertisement
Home खबर भारतीय इक्विटी मार्केट में जनवरी- सितंबर के बीच जुटाए गए 49.2 अरब...

भारतीय इक्विटी मार्केट में जनवरी- सितंबर के बीच जुटाए गए 49.2 अरब डॉलर, आईपीओ की संख्या 63 प्रतिशत बढ़ी

0
75

मुंबई, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय इक्विटी कैपिटल मार्केट में लगातार तेजी बनी हुई। इसका फायदा प्राइमरी मार्केट को मिल रहा है। कंपनियों को फंड जुटाने के साथ शेयर को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट कराने में सफलता मिल रही है।

गुरुवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय इक्विटी कैपिटल मार्केट में 2024 की जनवरी से सितंबर की अवधि में रिकॉर्ड 49.2 अरब डॉलर की राशि जुटाई गई है। इसमें सालाना आधार पर 115 प्रतिशत का उछाल देखा गया है और 2020 में बने वार्षिक रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है।

ग्लोबल फाइनेंसियल मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेटा प्रदाता कंपनी एलएसईजी के मुताबिक, इक्विटी कैपिटल मार्केट में पेश की जाने वाली ऑफरिंग (आईपीओ और एफपीओ) में सालाना आधार पर 61 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है।

समीक्षा अवधि में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के जरिए कंपनियों ने 9.2 अरब डॉलर की राशि जुटाई है। इसमें पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 96 प्रतिशत का उछाल देखा गया है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि 2024 की जनवरी से सितंबर के बीच सालाना आधार पर आईपीओ की संख्या में 63 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। फॉलो-ऑन ऑफरिंग (एफपीओ) के जरिए कंपनियों ने 39.9 अरब डॉलर की राशि जुटाई है। इसमें सालाना आधार पर 119 प्रतिशत का उछाल देखा गया है। एफपीओ की संख्या भी जनवरी के सितंबर की अवधि में पिछले साल की अपेक्षा 59 प्रतिशत बढ़ी है।

2024 के पहले नौ महीनों में कंपनियों द्वारा 81 प्रतिशत पूंजी एफपीओ के जरिए जुटाई गई है।

आने वाले समय में भी यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है क्योंकि स्विगी, हुंडई मोटर्स और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स भी भारतीय इकाई भी आईपीओ लाने की तैयारी कर रही हैं।

एलएसईजी डील्स इंटेलिजेंस में सीनियर मैनेजर ऐलेन टैन की ओर से कहा गया कि भारती इक्विटी कैपिटल मार्केट में बढ़त की वजह ब्लॉक ट्रेड्स का बढ़ना है। 2024 के पहले नौ महीने में 23 अरब डॉलर के ब्लॉक ट्रेड्स हुए। इसमें सालाना आधार पर 78 प्रतिशत का उछाल देखा गया।

रिपोर्ट में बताया गया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, हेल्थकेयर और एफएमसीजी जैसे सेक्टर में सबसे ज्यादा डील गतिविधियां देखने को मिली।