पटना, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने गुरुवार को बिहार लोक भवन के दरबार हॉल में विनय कुमार को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त तथा अंजनी कुमार सिंह को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी सहित राज्य सरकार के कई मंत्री, अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ लेने और पदभार ग्रहण करने के बाद विनय कुमार ने कहा कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के तहत राज्य सूचना आयोग को जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका प्रभावी ढंग से निर्वहन करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि आयोग में मुख्य रूप से द्वितीय अपील की सुनवाई होती है और सूचना के लिए जनता की ओर से दायर आवेदनों पर सुनवाई के बाद आदेश पारित किए जाते हैं।
विनय कुमार ने कहा कि आयोग का प्रयास रहेगा कि जनता को उनकी वास्तविक और जनहित से जुड़ी सूचनाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि आरटीआई अधिनियम का मूल उद्देश्य सरकार के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाना और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सूचना मांगने के अधिकार का इस्तेमाल पारदर्शिता और भ्रष्टाचार विरोधी गतिविधियों के लिए होना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति सूचना प्राप्त कर उसका इस्तेमाल किसी को डराने या ब्लैकमेल करने के लिए करता है, तो ऐसे मामलों के विभिन्न पहलुओं को भी आयोग गंभीरता से देखेगा।
मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा कि यह देखा जाएगा कि सूचना किस उद्देश्य से मांगी गई है, संबंधित व्यक्ति ने पहले कितनी बार सूचनाएं प्राप्त की हैं और प्राप्त सूचनाओं का किस प्रकार इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार का इस्तेमाल सकारात्मक और जनहितकारी उद्देश्यों के लिए होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आयोग आरटीआई अधिनियम के मूल उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए काम करेगा, ताकि नागरिकों को आवश्यक सूचनाएं मिलें और शासन व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही मजबूत हो। विनय कुमार बिहार के पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे। हाल ही में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी।
