मुंबई, 26 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र से भाजपा नेता राम कदम ने चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि आरोपों के लिए सबूत भी जरूरी है।
मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि राहुल गांधी और विपक्ष के दूसरे नेताओं को यह समझना चाहिए कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, कोई राजनीतिक संगठन नहीं। लोकतंत्र में आपको सवाल पूछने और चिंताएं जाहिर करने का अधिकार है, लेकिन ऐसा करते समय आपको सबूत और प्रमाण भी देने चाहिए। बिना दस्तावेज या सबूत के आरोप लगाना बेबुनियाद है और इससे हमारी संवैधानिक संस्था पर ही शक पैदा होता है। यदि विपक्ष को एसआईआर को लेकर आपत्ति है, तो उसे प्रमाण सामने रखने चाहिए।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के एसआईआर को लेकर दिए बयान पर भाजपा नेता ने कहा कि फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में एक से अधिक बार दर्ज है या किसी मृत व्यक्ति का नाम सूची में मौजूद है, तो उसे हटाने की प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।
राम कदम ने महाराष्ट्र में किसानों की स्थिति को लेकर सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कई इलाकों का दौरा कर किसानों से मुलाकात की और अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए। महाराष्ट्र की कुल 358 तहसीलों में से करीब 265 तहसीलों में सूखे की स्थिति है और राज्य का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा इससे प्रभावित है। किसानों को भरोसा है कि सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
आईआईटी बॉम्बे में छात्र की मौत पर हो रहे आरोप-प्रत्यारोप पर भाजपा नेता ने कहा कि इस दुख की घड़ी में सभी राजनीतिक दलों को परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए और मामले को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए। घटना के बाद सामने आई परिस्थितियां और आरोपों की जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही उससे जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। परिवार को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। लेकिन, कुछ राजनीतिक दल इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल जरूरी है कि जांच पूरी होने दी जाए और तथ्यों के सामने आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाए।
