निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के लिए दिल्ली मेट्रो ने किया अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का फैसला

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नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन अब यात्रियों की निर्भरता निजी वाहनों पर कम करना चाहती है। इसके लिए मेट्रो ने ‘एक्स्ट्रा ट्रेन ट्रिप’ शुरू करने का फैसला किया है। पहले महज छह ही ‘एक्स्ट्रा ट्रेन ट्रिप’ चलते थे, जिसे बढ़ाकर अब 24 कर दिया गया है, ताकि किसी भी यात्री को अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचने में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो।

डीएमआरसी का कहना है कि हमारी पूरी वस्तुस्थिति पर नजर है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि किसी भी यात्री को कोई दिक्कत न हो।

वहीं, डीएमआरसी ने ‘एक्स्ट्रा ट्रेन ट्रिप’ शुरू करने के बाद पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है, जिसे जमीन पर उतारने की कवायद शुरू हो चुकी है। ‘एक्स्ट्रा ट्रेन ट्रिप’ शुरू के बाद जाहिर सी बात है कि यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इसके लिए सुरक्षाबलों की संख्या में भी बढ़ोतरी का फैसला किया गया है। इसके अलावा, ज्यादा सिक्योरिटी काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि यात्रियों को टिकट लेने में दिक्कत न हो। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए ज्यादा बैगेज स्कैनर चालू किए जाएंगे। पीक टाइम पर यात्रियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। इस संबंध में भी डीएमआरसी की ओर से तैयारी की जा रही है।

इसके अलावा, डीएमआरसी की कोशिश है कि यात्रियों को अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचने में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। इसके लिए दिल्ली मेट्रो का बड़ा नेटवर्क रेलवे स्टेशनों, बड़े इंटरस्टेट बस टर्मिनल, एयरपोर्ट टर्मिनल, नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम, नोएडा मेट्रो और रैपिड मेट्रो, गुड़गांव के साथ सीधी और आसान इंटरमॉडल कनेक्टिविटी देकर एक जरूरी मोबिलिटी लाइफलाइन का काम करता है।

वहीं, डीएमआरसी ने कमर्शियल मार्केटप्लेस, सरकारी मंत्रालयों और एडमिनिस्ट्रेटिव सेंटर्स, कॉर्पोरेट ऑफिस और साइबर हब, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन, टूरिज्म, हेरिटेज और कल्चरल डेस्टिनेशन तक सुरक्षित, भरोसेमंद और तेज कनेक्टिविटी पर भी विशेष ध्यान दिया है।

डीएमआरसी ने 160 मेट्रो स्टेशनों पर एक बड़ा लास्ट-माइल इकोसिस्टम बनाया है। एक लाख यात्रियों को ई-ऑटो, ई-रिक्शा, बाइक टैक्सी, कैब एग्रीगेटर, साइकिल रेंटल, डीएमआरसी सारथी ऐप के जरिए स्मार्ट डोर-टू-डोर इंटीग्रेटेड यात्रा प्लानिंग के रूप में सर्विस दी जा रही है। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो और उनकी निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो।

इसके अलावा, डीटीसी 1500 बसें भी चला रही हैं, जो यात्रियों को लास्ट माइल सर्विस दे रही है। डीएमआरसी के मुताबिक, मौजूदा समय में 126 मेट्रो स्टेशन पर पार्किंग की सुविधा है। यहां पर यात्री आसानी से अपनी गाड़ी को पार्क कर सकते हैं।

इसके अलावा, डीएमआरसी की ओर से टिकट काउंटर पर यात्रियों की निर्भरता कम करने के मकसद से कई तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किए गए हैं, जहां पर यात्रीगण आसानी से अपने गंतव्य स्थल तक के लिए टिकट बुक करा सकते हैं। इसमें वाट्स एप टिकट, नेशनल मोबिलिटी कार्ड, ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स सहित अन्य प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

इसके साथ ही डीएमआरसी मेट्रो सारथी ऐप अब पूरी तरह से इंटीग्रेटेड ट्रैवल प्लेटफॉर्म देता है, जिससे यात्री मेट्रो टिकट, ऑटो-रिक्शा, बाइक टैक्सी, स्मार्ट डोर टू डोर सर्विस बुक कर सकते हैं, जिससे फर्स्ट माइल, लास्ट माइल और मेट्रो कनेक्टिविटी सभी एक ही ट्रांजैक्शन इंटरफेस से पक्की हो जाती है।