कोलकाता, 6 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में विधानसभा चुनाव से पहले हुए बम विस्फोट मामले में गिरफ्तार पूर्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक शौकत मोल्ला को शनिवार को कोलकाता की विशेष एनआईए अदालत ने 14 दिनों की एनआईए हिरासत में भेज दिया। उन्हें अब 19 जून को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
शुक्रवार रात गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शौकत मोल्ला के कब्जे से एक मोबाइल फोन और एक पेन ड्राइव बरामद की थी। अदालत ने इन दोनों इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराने की एनआईए की याचिका भी मंजूर कर ली।
इस मामले में एनआईए पहले ही तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से दो आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि एक आरोपी अभी भी एनआईए की हिरासत में है। अदालत ने इन आरोपियों से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच की अनुमति भी दे दी है।
विशेष एनआईए अदालत में पेशी के दौरान शौकत मोल्ला के वकील ने उनकी जमानत की मांग की। हालांकि, एनआईए की ओर से इसका कड़ा विरोध किया गया। एजेंसी ने दलील दी कि क्षेत्र में पूर्व विधायक होने के कारण शौकत मोल्ला काफी प्रभावशाली व्यक्ति हैं और यदि उन्हें जमानत मिलती है तो वे सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं तथा गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं।
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि चूंकि शौकत मोल्ला को पिछली राज्य सरकार की ओर से जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी, इसलिए उनका इस बम विस्फोट में शामिल होना संभव नहीं है।
इसके जवाब में एनआईए ने अदालत को बताया कि विस्फोट के बाद शौकत मोल्ला लगातार अन्य आरोपियों के संपर्क में थे और उन्हें निर्देश दे रहे थे।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने एनआईए की मांग स्वीकार करते हुए शौकत मोल्ला को 14 दिनों की एजेंसी हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
एनआईए के अनुसार, शुक्रवार को शौकत मोल्ला दक्षिण 24 परगना जिले के तटीय सीमा क्षेत्र के रास्ते बांग्लादेश भागने की कोशिश कर रहे थे। सीमा से सटे चुनाखाली इलाके में स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें देख लिया और पीछा किया, लेकिन वह वहां से भाग निकलने में सफल रहे।
इसके बाद एनआईए ने इलाके में कड़ी निगरानी शुरू कर दी। सूत्रों के मुताबिक, जब शौकत मोल्ला कोलकाता के न्यू टाउन स्थित एनआईए कार्यालय में आत्मसमर्पण करने के लिए जा रहे थे, तभी दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर क्षेत्र के एक अज्ञात स्थान से एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

