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आंध्र प्रदेश में गरीबों को बांटी गई 52 हजार करोड़ रुपए की जमीन: सीएम चंद्रबाबू नायडू

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विजयवाड़ा, 30 सितंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने गरीबों को 52 हजार करोड़ रुपए की जमीन बांटी है।

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने विजयवाड़ा में ‘पेदलाकु पट्टाभिषेकम’ कार्यक्रम के तहत 26 हजार परिवारों को घर की जमीन के नियमितीकरण के पट्टे वितरित किए।

सीएम नायडू ने कहा कि दशकों से गरीबों को जिन परेशानियों का सामना करना पड़ा है, उसे देखते हुए सरकार ने उन्हें उनकी जमीन पर अधिकार देने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, “हमने विशाखापत्तनम में 28 हजार लोगों, मंगलगिरी में 5,800 परिवारों और अब विजयवाड़ा में 26 हजार परिवारों को जमीन के पट्टे बांटे हैं। कुल 60 हजार गरीबों को जमीन का अधिकार देने को मैं अपना सौभाग्य मानता हूं।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि विजयवाड़ा में बांटी जा रही जमीन की कुल कीमत 28,112 करोड़ रुपए है। प्रत्येक लाभार्थी को औसतन 130 वर्ग गज का प्लॉट मिला है। हर प्लॉट की कीमत करीब 50 लाख से 2 करोड़ रुपए के बीच है।

उन्होंने कहा कि यह गठबंधन सरकार की ओर से गरीबों के आत्मसम्मान का ‘पट्टाभिषेक’ है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि गठबंधन सरकार चुनाव के दौरान किए गए हर वादे को पूरा कर रही है।

उन्होंने कहा, “आंध्र प्रदेश में डबल इंजन की सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है और विकास कार्यक्रमों को युद्ध स्तर पर लागू किया जा रहा है। पिछली सरकार के पांच साल के शासन में नुकसान झेलने वाले राज्य को हमने फिर से पटरी पर ला दिया है। हम मुश्किलों का सामना कर रहे हर परिवार के साथ खड़े रहेंगे।”

नायडू ने याद दिलाया कि तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री एन.टी. रामाराव का नारा था, ‘गरीबों के लिए भोजन, आवास और कपड़ा’।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 से 2024 के बीच तत्कालीन वाईएसआरसीपी सरकार ने हर घर में संपत्ति से जुड़े विवाद पैदा किए।

मुख्यमंत्री ने कहा, “उन्होंने जमीन के पट्टा पासबुक पर अपनी तस्वीरें तक लगाईं। लैंड टाइटलिंग एक्ट के जरिए समस्याएं पैदा की गईं। गठबंधन सरकार राज्य की सभी जमीनों का दोबारा सर्वे करा रही है और आधिकारिक राजकीय चिह्न वाली पट्टादार पासबुक जारी कर रही है।”

टीडीपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने केवल सर्वे के पत्थरों पर तस्वीरें लगाने के लिए 800 करोड़ रुपए खर्च किए थे।

उन्होंने दावा किया कि सरकार ऐसी नई व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रही है, जिसमें जमीन से जुड़े विवाद न हों।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम कल्याण, विकास और संपत्ति निर्माण के चक्र को लगातार आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। विकास कार्यों पर हम पहले ही 1.50 लाख करोड़ रुपए खर्च कर चुके हैं।”

नायडू ने कहा कि विकास और कल्याण गठबंधन सरकार की दो आंखें हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में संपत्ति और समृद्धि बढ़ाने के लिए विकास बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने अगले तीन वर्षों में 35 हजार करोड़ रुपए की लागत से 36 सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का भी संकल्प लिया।

उन्होंने कहा कि 2028 के कृष्णा पुष्करालु तक राज्य में कृष्णा और गोदावरी नदियों से पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होगा।