असम में भाजपा की महिला विधायकों की बढ़ती संख्या जनता के भरोसे का प्रतीक: अजंता नियोग

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गुवाहाटी, 7 मई (आईएएनएस)। असम की वित्त मंत्री अजंता नियोग ने गुरुवार को कहा कि असम विधानसभा चुनाव में भाजपा टिकट पर निर्वाचित महिला विधायकों की संख्या में बढ़ोतरी पार्टी की सरकार और नेतृत्व पर जनता के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।

पत्रकारों से बातचीत में अजंता नियोग ने कहा कि इस बार भाजपा को राज्य में पहले की तुलना में अधिक बड़े अंतर से जीत मिली है, जो एक “ऐतिहासिक जनादेश” है। उन्होंने इस जीत का श्रेय पार्टी नेतृत्व और जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक के कार्यकर्ताओं को दिया।

उन्होंने कहा, “इस बार जीत का अंतर काफी बढ़ा है। यह एक ऐतिहासिक जनादेश है और इसका श्रेय भाजपा के नेतृत्व और कार्यकर्ताओं को जाता है, जिन्होंने हर स्तर पर मेहनत की।”

अजंता नियोग ने चुनाव के दौरान व्यापक प्रचार अभियान और संगठनात्मक प्रयासों के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व ने भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के प्रति जनता का समर्थन मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचा, जिससे भाजपा के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हुआ।

अजंता नियोग ने कहा, “सरकार की नीतियां और कल्याणकारी योजनाएं सीधे आम नागरिकों तक पहुंचीं और इसी वजह से लोगों का भाजपा पर भरोसा बढ़ा।”

उन्होंने बताया कि इस बार भाजपा टिकट पर सात महिला विधायक चुनी गई हैं, जबकि पिछली विधानसभा में पार्टी की पांच महिला विधायक थीं।

महिला आरक्षण विधेयक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं और महिला नेताओं को उम्मीद थी कि यह कानून पहले ही लागू हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद थी कि महिला आरक्षण विधेयक पहले ही पारित हो जाएगा, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ।”

वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल, विशेषकर कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगी, महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं।

साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर की गई पहलों की सराहना की और कहा कि प्रस्तावित आरक्षण व्यवस्था राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अजंता नियोग ने विश्वास जताया कि विधायिकाओं में महिलाओं की अधिक भागीदारी भविष्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नीति निर्माण को और मजबूत करेगी।