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ऑनलाइन निवेश के नाम पर साइबर ठगी: म्यूल बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला युवक गिरफ्तार

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गौतमबुद्धनगर, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के मामले में गौतमबुद्धनगर की साइबर क्राइम पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी साइबर अपराधियों को रुपये लेकर म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराता था।

इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी में किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रय्यान अंसारी पुत्र सिंकदर अंसारी के रूप में हुई है। वह दिल्ली के ईस्ट दिल्ली स्थित जगतपुरी, कृष्णा नगर का रहने वाला है और उसकी उम्र करीब 22 वर्ष है।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से साइबर अपराध में इस्तेमाल किया जाने वाला एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। मामले में पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी तक पहुंची।

पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर को साइबर क्राइम थाना गौतमबुद्धनगर की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह टेलीग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से साइबर अपराधियों के संपर्क में रहता था। इसके बाद रुपये लेकर उन्हें बैंक खाते उपलब्ध कराता था, ताकि उन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन में किया जा सके। जांच में सामने आया कि आरोपी ने साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड उपलब्ध कराया था।

पुलिस के मुताबिक, इस खाते में करीब 2,15,743 रुपये आए थे। खाता उपलब्ध कराने के बदले आरोपी को 50,000 रुपये मिले थे। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए संबंधित बैंक खातों के विरुद्ध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दो शिकायतें दर्ज हैं। इनमें एक शिकायत उत्तर प्रदेश और दूसरी आंध्र प्रदेश से संबंधित है। पुलिस इन शिकायतों और बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इस मामले में थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर में मुकदमा दर्ज किया गया है।

आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत कार्रवाई की गई है। फिलहाल मामले में आगे की जांच की जा रही है, ताकि साइबर ठगी से जुड़े अन्य तथ्यों और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा सके।