मुंबई, 9 मई (आईएएनएस)। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल का सीएम बनने की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद उद्योग धंधे पटरी पर लौटेंगे और कानून व्यवस्था में सुधार होगा।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने समाचार एजेंसी आईएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि आज पश्चिम बंगाल के इतिहास में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। पहली बार वहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है।
उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार भाजपा के मुख्यमंत्री ने शपथ ली है। शिवसेना की ओर से मैं नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। पश्चिम बंगाल एक अरसे से कांग्रेस, लेफ्ट और टीएमसी के कारण संघर्षमय जीवन जी रहा था। वहां पर उद्योग धंधा चौपट गए थे, कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं थी। महिलाओं की सुरक्षा खतरे में थी। कलकत्ता कभी हिंदुस्तान का इंडस्ट्रियल हब हुआ करता था, ऐसे में नई सरकार से पूरी उम्मीद है कि राज्य में एक बार फिर उद्योग धंधे शुरू होंगे और महिलाओं की सुरक्षा का विशेष इंतेजाम होगा।
संजय निरुपम ने केरल विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी के सीएम पद के फैसले पर देरी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केरल विधानसभा में कांग्रेस पार्टी ने 140 में से 102 सीटें जीतीं, लेकिन एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी वे अपने मुख्यमंत्री का फैसला नहीं कर पाए हैं, क्योंकि दिल्ली कुछ और, जबकि केरल कुछ और चाहता है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नेतृत्व में कांग्रेस ने जीत हासिल की और केरल में सत्ता में आई, अब दिल्ली में पार्टी का आलाकमान उनका विरोध कर रहा है। दिल्ली का आलाकमान एक चापलूस चाहता है, न कि ऐसा नेता जो जमीन पर काम करता हो। जिस नेता ने जमीन पर काम किया है, उसे केरल की जनता का समर्थन हासिल है, जबकि जो लोग आलाकमान को खुश करने में लगे हैं, वे दिल्ली में बैठे हैं और केरल की जनता उनके खिलाफ है।
वहीं, टीसीएस में धर्मांतरण के मामले को लेकर भी शिवसेना नेता ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्होंने कहा, निदा खान पर मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है। यह ऐसा मामला है जिसमें जिहादियों ने टीसीएस में काम करने वाली हिंदू महिलाओं का यौन शोषण किया और जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराया।
उन्होंने कहा कि निदा खान एक महीने से ज्यादा समय से फरार थी और अलग-अलग जगहों पर छिपी हुई थी। वह मूल रूप से नासिक की रहने वाली है और एक समय ऐसी खबर आई थी कि वह मुंब्रा में छिपी हुई है। आखिरकार वह छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार की गई।
शिवसेना नेता ने कहा कि सबसे खतरनाक और चौंकाने वाली बात यह है कि जिस घर से उसकी गिरफ्तारी हुई, वह एआईएमआईएम पार्टी की एक नगर सेविका का घर है। इसका मतलब ओवैसी जिहादी प्रवृत्ति वाले लोगों के साथ हाथ मिलाकर काम करते हैं और उन्हें संरक्षण देते हैं। ऐसे जिहादियों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

