नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। पटियाला हाउस कोर्ट ने टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार बारामूला के सांसद राशिद इंजीनियर की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। उन्होंने अस्पताल में भर्ती अपने बीमार पिता से मिलने के लिए एक महीने की अंतरिम जमानत मांगी थी।
सुनवाई के दौरान वकील ने कहा था कि राशिद इंजीनियर के पिता वेंटिलेटर पर हैं, इसलिए उन्हें जल्द अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए। राशिद के वकील ने आरोप लगाया था कि उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक है। चुनाव के समय उन्हें अंतरिम जमानत मिल जाती है, लेकिन पिता की हालत खराब है और एनआईए इसका विरोध कर रही है।
एनआईए ने राशिद इंजीनियर की अंतरिम जमानत का विरोध किया। जांच एजेंसी ने कहा कि सुरक्षा कारणों से वह सांसद को सिर्फ कस्टडी पैरोल देने के लिए तैयार है। एनआईए के वकील ने कहा कि कस्टडी पैरोल में राशिद अपने पिता और परिवार से मिल सकते हैं।
पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब दो दिन बाद कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। इससे पहले राशिद इंजीनियर को संसद के बजट सत्र में हिस्सा लेने के लिए कस्टडी पैरोल दी गई थी।
राशिद को उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने की कोर्ट से अनुमति मिली थी। कोर्ट ने यह शर्त रखी कि राशिद को वोट डालने के लिए संसद जाने का खर्च स्वयं वहन करना होगा। इसके लिए उन्हें एक हलफनामा देकर वचन देना होगा, हालांकि तत्काल कोई भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह खर्च राशिद को तब चुकाना होगा, जब दिल्ली हाईकोर्ट उनकी यात्रा व्यय से संबंधित लंबित अर्जी पर फैसला सुनाएगा।
संसद में बारामूला का प्रतिनिधित्व करने वाले राशिद इंजीनियर को 2017 के आतंकी फंडिंग मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत एनआईए ने गिरफ्तार किया था। वे 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में राशिद ने उत्तरी कश्मीर की बारामूला सीट से उमर अब्दुल्ला को 2 लाख से अधिक वोटों से हराया था।

