पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने असम में लोगों के जीवन को बदल दिया

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नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना न केवल असम में बिजली की कमी को पूरा करने में मदद कर रही है, बल्कि लोगों को कई लाभ भी प्रदान कर रही है। राज्य में इस योजना के पहले लाभार्थी सेलेन काकोती ने मंगलवार को यह बयान दिया।

गुवाहाटी में काहिलीपारा के जनकपुर निवासी सेलेन काकोती ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली’ योजना के तहत अपने घर में 3 किलोवाट का सोलर-रूफटॉप स्थापित किया।

काकोती ने आईएएनएस को बताया, ”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि वह 1 करोड़ घरों में सौर पैनल सिस्टम प्रदान करेंगे। इसके तहत मैंने आवेदन किया था। इसके बाद सोलर पैनल सिस्टम स्थापित कर चालू कर दिया गया।”

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 29 फरवरी को 75,021 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ अनुमोदित केंद्रीय योजना का लक्ष्य देश में एक करोड़ घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करना है। परिवारों को हर महीने 300 यूनिट बिजली मुफ्त मिल सकेगी।

काकोती ने कहा कि उनका बिल अभी तक नहीं आया है। इस प्रणाली में जो भी विद्युत उत्पादित होता है, वह ग्रिड में जाता है। मौसम खराब होने पर भी 10 यूनिट बिजली मिलती है। जब मौसम ठीक होता है, तो 16 या 17 यूनिट उपलब्ध होती हैं।

महत्वाकांक्षी योजना के तहत, सौर पैनल वाला प्रत्येक घर बिजली बिल बचाने के साथ-साथ डिस्कॉम को शेष बिजली की बिक्री के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने में सक्षम होगा।

काकोती ने कहा कि 30 दिनों में 450 किलोवाट बिजली 10 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से मिलेगी। इस हिसाब से 4,000-5,000 रुपये जेनरेट हो जाएंगे। मेरा बिल इसी से एडजस्ट हो जायेगा।

आगे कहा कि महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें कोई साझाकरण प्रणाली नहीं है। इसका उपयोग सिर्फ मैं करूंगा, बाकी सरप्लस ग्रिड में जाएगा और सरकार मुझे कुछ पैसे देगी। यह एक बहुत अच्छी योजना है। 3 किलोवाट सिस्टम की लागत लगभग 2 लाख रुपये होगी।

काकोती ने कहा, “इसमें से 70 हजार रुपये केंद्र सरकार वहन करेगी और राज्य सरकार भी योगदान देगी। मैं पीएम मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं। इस व्यवस्था से देश में बदलाव लाया जा सकता है। इससे असम में बिजली की कमी पूरी होगी और जो इसके लिए आवेदन करेगा, उसे कई लाभ मिलेंगे।”