कोच्चि, 23 जुलाई (आईएएनएस)। केरल हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक मलयालम एक्ट्रेस द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में बिजनेसमैन बॉबी चेम्मनूर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। इसी के साथ ही जनवरी 2025 में उनकी गिरफ्तारी के बाद से काफी चर्चा में रहे इस हाई-प्रोफाइल मामले का अंत हुआ।
जस्टिस जोबिन सेबेस्टियन ने एर्नाकुलम की एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट में चल रही कार्यवाही को रद्द करने की बॉबी चेम्मनूर की याचिका को मंजूरी दे दी। यह फैसला तब लिया गया जब यह दर्ज किया गया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है।
हाई कोर्ट ने 3 जुलाई को मामले में आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी, जब शिकायतकर्ता ने कोर्ट को बताया कि मामला सुलझा लिया गया है।
इसके बाद एक्ट्रेस ने समझौते की पुष्टि करते हुए एक हलफनामा दायर किया, जिसके बाद कोर्ट ने पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को इसकी सच्चाई की जांच करने का निर्देश दिया।
प्रॉसिक्यूशन द्वारा हलफनामे की सच्चाई की पुष्टि करने के बाद, कोर्ट ने गुरुवार को औपचारिक रूप से आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक बॉबी चेम्मनूर ने सोशल मीडिया के जरिए एक्ट्रेस से अपने व्यवहार के लिए बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगी थी और उनसे शिकायत वापस लेने का अनुरोध किया था। जिसके बाद समझौते का रास्ता साफ हुआ।
यह मामला उन आरोपों से जुड़ा था जिनमें कहा गया था कि चेम्मानूर ने कन्नूर के अलाकोड में ‘चेम्मनूर इंटरनेशनल ज्वैलर्स’ शोरूम के उद्घाटन के दौरान एक्ट्रेस का यौन उत्पीड़न किया था।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि जब एक्ट्रेस ने बाद के प्रमोशनल इवेंट्स में शामिल होने के निमंत्रण ठुकरा दिए तो चेम्मनूर ने यूट्यूब चैनलों और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए उनके खिलाफ यौन प्रकृति वाली टिप्पणियां कीं, जिससे उन्हें और ज्यादा उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया था।
चेम्मानूर को 8 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया था और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
उनकी शुरुआती जमानत याचिका ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दी थी।
केरल हाई कोर्ट ने उन्हें 14 जनवरी 2025 को जमानत दे दी।
हाई कोर्ट ने जमानत आदेश के बावजूद उनकी रिहाई में हुई देरी की आलोचना भी की थी और चेतावनी दी थी कि ऐसी चूक से जमानत रद्द भी हो सकती है।

