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थेनी जेलब्रेक: पलानीस्वामी ने टीवीके सरकार पर निशाना साधा, जेल की सुरक्षा और मजबूत करने की मांग की

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चेन्नई, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। थेनी जिले की थेक्कम्पट्टी जेल से 17 विचाराधीन कैदियों के फरार होने के बाद एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने मंगलवार को टीवीके सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना ने जेल प्रशासन और कानून प्रवर्तन की गंभीर विफलताओं को उजागर कर दिया है।

गौरतलब है कि सोमवार रात जेल से भागने से पहले कैदियों ने गार्डों पर हमला कर दिया। पुलिस की विशेष टीमों ने इनमें से चार कैदियों को पकड़ लिया है जबकि बाकी भागे हुए कैदियों की तलाश जारी है।

‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पलानीस्वामी ने जेल से कैदियों के भागने की घटना को चौंकाने वाला बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि पुझल जेल से पहले भी दो कैदियों के भागने की घटना हो चुकी थी, फिर भी सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत क्यों नहीं किया?

उन्होंने कहा कि पिछली घटना के बाद ही तमिलनाडु की सभी जेलों में सुरक्षा व्यवस्था की तुरंत समीक्षा की जानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और संबंधित मंत्री ने ही ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।

पलानीस्वामी ने विशेष रूप से मंत्री सी.टी.आर. निर्मलकुमार का जिक्र करते हुए कहा कि कानून, बिजली और जेल विभाग उन्हीं के अधीन आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये तीनों विभाग प्रशासनिक विफलता का सामना कर रहे हैं।

एआईएडीएमके नेता ने सरकारी वकीलों की नियुक्ति और बिजली खरीद में कथित अनियमितताओं के साथ-साथ बिजली कटौती का जिक्र करते हुए कहा कि अब जेल विभाग भी उन विभागों की सूची में शामिल हो गया है जो गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं।

उन्होंने निर्मलकुमार पर यह आरोप भी लगाया कि वे अपने विभागों की कमियों को दूर करने के बजाय सार्वजनिक रूप से एआईडीएमके पर जुबानी हमला करने में अपना अधिक समय बिताते हैं।

मुख्यमंत्री विजय की आलोचना करते हुए पलानीस्वामी ने पुझल जेल के उनके पिछले निरीक्षण की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री के दौरे के बावजूद जेल की सुरक्षा अपर्याप्त कैसे रह सकती है और क्या उस दौरे से कोई सार्थक सुधार हुआ भी या नहीं?

विपक्ष के नेता ने तर्क दिया कि जेल से कैदियों का भागना और इस दौरान जेल प्रहरियों पर कथित हमला, सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है। उन्होंने सवाल किया कि अगर अधिकारी जेलों के अंदर ही सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं रख सकते, तो आम लोग सड़कों पर खुद को सुरक्षित कैसे महसूस कर सकते हैं।

पलानीस्वामी ने हत्याओं और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कथित वृद्धि, बच्चों के लापता होने के मामलों और सत्ताधारी दल के एक पदाधिकारी के नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े होने के आरोपों का भी जिक्र किया।

सरकार के प्रचार-प्रसार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को मिलाकर एक ऐसी रिपोर्ट तैयार की जा सकती है, जो सरकार के कार्यकाल के पहले 150 दिनों को दर्शाती हो।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जेल से भागे सभी कैदियों को तुरंत पकड़ा जाए और उन्हें वापस जेल भेजा जाए। साथ ही, उन्होंने जेलों की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ पूरे तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने की मांग की।